Tally Prime में Costing Methods

 


Tally Prime में उपलब्ध सभी Costing Methods (माल की लागत निकालने के तरीके)

ये तरीके स्टॉक वैल्यूएशन के लिए इस्तेमाल होते हैं, ताकि माल का हिसाब सही तरीके से हो सके।

Tally Prime में Costing Methods

1. FIFO (First In First Out) – पहले आया, पहले निकला

  • मतलब: जो माल सबसे पहले खरीदा गया, वही सबसे पहले बेचा/निकाला जाएगा।
  • उदाहरण:
    अगर आपने 100 पीस ₹50 में खरीदे, फिर 100 पीस ₹60 में खरीदे और 120 पीस बेचे

    पहले 100 पीस का रेट ₹50 लगेगा, बाकी 20 पीस का रेट ₹60 लगेगा।
  • फायदा: पुराना स्टॉक पहले खत्म होता है, कीमत का सही हिसाब रहता है।

2. LIFO (Last In First Out) – आखिरी आया, पहले निकला

  • मतलब: जो माल सबसे बाद में खरीदा गया, वही सबसे पहले बेचा जाएगा।
  • उदाहरण:
    ऊपर वाले उदाहरण में 120 पीस बेचने पर
    पहले 100 पीस का रेट ₹60 और बाकी 20 पीस का ₹50 लगेगा।
  • फायदा: महंगाई के समय नए रेट से लागत दिखाता है, पर भारत में अकाउंटिंग में LIFO ज्यादातर इस्तेमाल नहीं होता।

3. Average Cost – औसत लागत

  • मतलब: सभी खरीदे गए माल का औसत रेट निकालकर उसी रेट से लागत दिखाता है।
  • उदाहरण:
    ₹50 में 100 पीस + ₹60 में 100 पीस = कुल 200 पीस ₹11000
    औसत रेट ₹55/पीस।
    अब बिक्री इसी ₹55 रेट पर गिनी जाएगी।
  • फायदा: रेट में उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है।

4. Standard Cost – मानक लागत

  • मतलब: आप खुद एक फिक्स रेट सेट करते हैं (Standard Rate) और लागत उसी पर निकाली जाती है, चाहे खरीद कितने में भी हो।
  • फायदा: बजट कंट्रोल और प्रोडक्शन प्लानिंग में काम आता है।

5. At Zero Cost – शून्य लागत

  • मतलब: स्टॉक की लागत ₹0 मानी जाती है।
  • उपयोग: Free Samples, Donations, या Opening Balance बिना लागत के डालने में।

6. Last Purchase Cost – आखिरी खरीद लागत

  • मतलब: सबसे हाल की (Last) खरीद का रेट ही सभी बिक्री और स्टॉक के लिए लागत मानेगा।
  • फायदा: नए रेट के अनुसार लागत दिखती है।

7. Monthly Avg. Cost – मासिक औसत लागत

  • मतलब: एक महीने के भीतर की गई सभी खरीद का औसत रेट निकाला जाता है और उसी महीने में बिक्री के लिए वही रेट लागू होता है।
  • फायदा: महीने में रेट में उतार-चढ़ाव को संतुलित करता है।

📌 नोट:
Costing Method = Costing के हिसाब से स्टॉक वैल्यू (Accounting के लिए)
Market Valuation Method = Market Value के हिसाब से स्टॉक वैल्यू (Report के लिए)


Costing Method

हिंदी में नाम

मतलब

उदाहरण

FIFO (First In First Out)

पहले आया, पहले निकला

जो माल सबसे पहले खरीदा गया, वही सबसे पहले निकलेगा।

100 पीस @₹50 + 100 पीस @₹60, 120 पीस बेचने पर पहले 100 पीस ₹50, बाकी 20 पीस ₹60

LIFO (Last In First Out)

आखिरी आया, पहले निकला

जो माल सबसे बाद में खरीदा गया, वही पहले निकलेगा।

ऊपर वाले उदाहरण में पहले 100 पीस ₹60, बाकी 20 पीस ₹50

Average Cost

औसत लागत

सभी खरीदे गए माल का औसत रेट निकालकर लागत लगती है।

(100×₹50 + 100×₹60) ÷ 200 = ₹55 प्रति पीस।

Standard Cost

मानक लागत

एक फिक्स रेट सेट किया जाता है, खरीद रेट चाहे जो हो।

अगर Standard Cost ₹55 है, तो सभी बिक्री इसी रेट पर होगी।

At Zero Cost

शून्य लागत

स्टॉक की लागत ₹0 मानी जाती है।

Free Sample, Donation, या Opening बिना लागत।

Last Purchase Cost

आखिरी खरीद लागत

सबसे हाल की खरीद का रेट सभी बिक्री के लिए लागत बनेगा।

अगर आखिरी खरीद ₹60 में हुई, तो बिक्री ₹60 रेट पर मानी जाएगी।

Monthly Avg. Cost

मासिक औसत लागत

महीने की सभी खरीद का औसत रेट लागू होगा।

जनवरी में खरीदे माल का औसत रेट = उसी महीने के लिए Cost


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